पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:रोज अपनी मित्रताओं को अपनेपन का एक आकार दें


                 पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:रोज अपनी मित्रताओं को अपनेपन का एक आकार दें

इन दिनों हमारी जीवनशैली में एक रिश्ता और अलग रूप ले रहा है- वह है मित्रता का। आज दोस्ती भी सोशल मीडिया के कारण इफेक्टेड है, लेकिन इमोशनली कनेक्टेड नहीं है। मित्रता टाइम-पास टूल बन गई

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