पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:जीवन में भक्ति उतर आए तो फिर हर कृत्य में सेवा ही होगी
कहते हैं कि सेवक को सपने में भी सुख नहीं मिलता। लेकिन यह बात लक्ष्मण जी और हनुमान जी जैसे सेवकों ने बदल दी। तुलसीदास जी ने लिखा है- कहइ भसुंड सुनहु खगनायक, राम चरित सेवक सुखदायक। भुश