पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:हमारी नई पीढ़ी विवाह को ठीक से समझे और स्वीकारे
इन दिनों माता-पिता बच्चों का विवाह करने के बाद इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि विवाह सफल होगा या नहीं। पहले परमात्मा से प्रार्थना की जाती थी कि विवाह अच्छे से संपन्न हो जाए। पर अब